➤ स्पीति की ऊंची पहाड़ियों में बिछने लगी बर्फ की चादर
➤ ताबो में 11 डिग्री गिरा तापमान, ठंड ने दी दस्तक
➤ किन्नौर में NH-505 बंद, 9 श्रद्धालु सुरक्षित निकाले गए
शिमला/लाहौल स्पीति। हिमाचल प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ली है और किन्नौर के बाद अब लाहौल स्पीति की स्पीति घाटी की ऊंची पहाड़ियों में भी बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ की चादर बिछने के साथ ही प्रदेश में ठंड ने दस्तक दे दी है। मौसम में आए इस बदलाव का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दे रहा है। बीते चौबीस घंटों के दौरान प्रदेश में अधिकतम तापमान में सबसे अधिक गिरावट लाहुल स्पीति के ताबो में 11 डिग्री दर्ज की गई है। इसके अलावा कल्पा में अधिकतम तापमान में 9.9 डिग्री और धर्मशाला में 2 डिग्री की गिरावट दर्ज हुई है। दूसरी ओर ऊना में 2.2 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यहां प्रदेश का सबसे अधिक 34.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में तापमान में अलग-अलग बदलाव से प्रदेश में मौसम का मिजाज तेजी से बदलता नजर आ रहा है।
स्पीति की ऊंची पहाड़ियों में बर्फबारी शुरू होने से पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड बढ़ने लगी है। किन्नौर में पहले ही बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर शुरू हो चुका है। अब लाहौल स्पीति में भी मौसम के इस बदलाव ने सर्दी की आहट को और स्पष्ट कर दिया है। ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद तापमान में गिरावट स्वाभाविक रूप से दर्ज की जा रही है और इसका असर स्थानीय जनजीवन के साथ-साथ सड़क यातायात पर भी पड़ने लगा है।
किन्नौर में बारिश-बर्फबारी से सड़कें प्रभावित
किन्नौर जिले में लगातार दूसरे दिन बारिश और ऊपरी इलाकों में बर्फबारी जारी रहने से मौसम में ठंडक बढ़ गई है। खराब मौसम के कारण जिले की मुख्य सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर मुश्किल हो गया है। स्पीति और काजा को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-505 मलिंग नाला के पास पहाड़ से पत्थर गिरने के कारण बंद है। सड़क पर पहाड़ी से पत्थर गिरने के खतरे के चलते यातायात प्रभावित हुआ है।
इसके अलावा स्पिलो से पूह और रिकांगपिओ से चौरा जाने वाले मार्गों पर भी जगह-जगह पहाड़ से पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है। शनिवार को चौरा के पास पहाड़ से गिरे पत्थरों की चपेट में एक टैक्सी भी आ गई थी। हालांकि इस घटना में चालक और यात्री बाल-बाल बच गए। खराब मौसम के बीच पहाड़ी सड़कों पर सफर करने वालों के लिए लगातार बदलते हालात चुनौती बने हुए हैं।
छितकुल के आगे ग्लेशियर आने की भी खबर
किन्नौर के छितकुल से आगे गोठरी के पास नया ग्लेशियर आने की भी खबर है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम के तेजी से बदलने के बीच इस तरह की परिस्थितियां स्थानीय लोगों और यात्रियों के लिए परेशानी बढ़ा सकती हैं। बारिश, बर्फबारी और पहाड़ी क्षेत्रों में पत्थर गिरने के कारण सड़क मार्गों पर आवाजाही प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है।
ऐसे मौसम में ऊंचाई वाले क्षेत्रों की ओर जाने वाले लोगों को सड़क और मौसम की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की जरूरत रहती है। खासकर उन इलाकों में जहां बारिश के साथ बर्फबारी और पहाड़ी से पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं, वहां यात्रा के दौरान अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।
किन्नर कैलाश यात्रा पर गए 9 श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला
ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के दौरान किन्नर कैलाश यात्रा पर गए राजस्थान के 9 श्रद्धालु गुफा में फंस गए थे। खराब मौसम के बीच उनके फंसे होने की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने पुलिस और होमगार्ड की टीम को मौके पर भेजा। बचाव टीम ने अभियान चलाकर सभी 9 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
वहीं सांगला की रुपिन घाटी में एक चरवाहे की सैकड़ों भेड़-बकरियां भी फंसी होने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद बचाव टीम को मौके के लिए भेजा गया है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम खराब होने के कारण पशुओं और चरवाहों के सामने भी परेशानी खड़ी हो गई है।
तापमान में गिरावट से बढ़ी ठंड
प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान में आए बदलाव ने मौसम की तस्वीर को और स्पष्ट किया है। ताबो में 11 डिग्री की गिरावट सबसे अधिक रही। कल्पा में 9.9 डिग्री और धर्मशाला में 2 डिग्री की कमी दर्ज की गई। इसके विपरीत ऊना में 2.2 डिग्री की वृद्धि हुई और यहां 34.4 डिग्री के साथ प्रदेश का सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया।
इस तरह एक ही प्रदेश में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और तेज ठंड का दौर शुरू हो गया है, जबकि कुछ मैदानी और निचले क्षेत्रों में तापमान अभी भी अपेक्षाकृत अधिक बना हुआ है। आने वाले दिनों में मौसम का रुख ऊंचाई वाले क्षेत्रों के साथ सड़क यातायात और स्थानीय गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।



